69 साल की उम्र में NEET पास करने वाले अशोक बहार ने उठाई नई मांग, MBBS में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1% आरक्षण की गुहार,

इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे अशोक बहार, कहा— सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती।
69 वर्षीय अशोक बहार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। NEET UG 2026 की परीक्षा देकर मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी नई शुरुआत करने वाले अशोक बहार ने अब MBBS में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि शिक्षा का अधिकार हर उम्र के व्यक्ति को समान रूप से मिलना चाहिए और उम्र किसी के सपनों के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए।
अशोक बहार का तर्क है कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक शैक्षणिक योग्यता और प्रवेश परीक्षा की सभी आवश्यक शर्तें पूरी करता है, तो उसे केवल उम्र के आधार पर अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि समाज में ऐसे कई लोग हैं जो जीवन की जिम्मेदारियों के कारण युवावस्था में अपने सपने पूरे नहीं कर सके और अब उन्हें दूसरा अवसर मिलना चाहिए।
इस याचिका के माध्यम से उन्होंने मेडिकल शिक्षा में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह कदम उन लोगों के लिए प्रेरणा बनेगा जो बढ़ती उम्र के बावजूद शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं। इस मामले में अदालत में जल्द सुनवाई होने की संभावना है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
अशोक बहार की पहल ने देशभर में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर लोग इसे “सपनों की कोई उम्र नहीं होती” का प्रेरणादायक उदाहरण बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मेडिकल शिक्षा में आरक्षण और आयु सीमा को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। अब देखना होगा कि हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या फैसला सुनाता है और इसका भविष्य की शिक्षा नीतियों पर क्या प्रभाव पड़ता है।



