Logo
  • Home
  • Videos
Friday, 03 April 2026
video
वीडियोज़
Download App from
Google PlayApple Store
Follow us on
video-bannerवीडियो
EV Market
OLA launched its electric scooter
Take a look
Ad 1
main-logo-white
Follow Us On -

This website follow the DNPA's code of conduct.
For any feedback or complaint email to complaint@drishtikon.app. Here is our Privacy Policy and Terms of Use.
In case of any data protection questions, please reach out to dpo@drishtikon.app
Copyright © 2026 Uotbox News SaaS.

Bachchan family have discussions but never fights, says Navya Nanda; reveals she, cousin Aaradhya share same values

Bachchan family have discussions but never fights, says Navya Nanda; reveals she, cousin Aaradhya share same values
Oct 28, 2025, 12:27 PM
|
Posted By Drishtikon
Talking about how her illustrious family, from both her mother's and father's side. helped shape who she is, Navya said, "I have spent so much time with my grandparents growing up, and still do; we still live together, which is an unusual thing for young people. We don't fight, we have healthy debates on a lot of things. It's a conversation around topics that are relevant today and that matter. For anyone who has seen the podcast, they will know that every episode is a disagreement or a discussion. Surprisingly, there isn't a clash; even though we are very different personalities, we actually share similar values, which more than anything else define who I am." Navya revealed how she, her brother Agastya Nanda, and her cousin Aaradhya Bachchan have grown up learning the importance of respect. She said, "The first thing that we have grown up around is a lot of respect and family. I think respect is something that lies at the heart of who we are as people, whether it's my grandparents or the youngest member of my family, my cousin or my brother. We have a lot of respect, not just for each other or for people, but also for what we do and where we come from." Despite hailing from a film family with actors like Amitabh Bachchan, Jaya Bachchan, Aishwarya Rai, and Abhishek Bachchan, Navya chose not to pursue acting. She revealed that she was always more fascinated by her father's business than by films, which is why she never wanted to become an actor. Her brother, Agastya Nanda, however, made his Bollywood debut with Zoya Akhtar's The Archies and is now set to appear in Sriram Raghavan's war drama Ikkis, inspired by the true story of Second Lieutenant Arun Khetrapal, India's youngest recipient of the Param Vir Chakra. Navya, on the other hand, has carved her own path as an entrepreneur and social advocate. She runs Project Naveli, a non-profit organisation working towards gender equality, and is also actively involved in her family's business ventures.
podcast
agastya
nanda (actress)
hindi cinema
aishwarya rai
drama (film and television)
param vir chakra
sriram raghavan
zoya akhtar
jaya bachchan
मठ-मंदिरों को 'घर वापसी' का केंद्र बनाओ, तभी 'तीन तलाक' और 'हलाला' से मिलेगी मुक्ति: अश्विनी उपाध्याय
मठ-मंदिरों को 'घर वापसी' का केंद्र बनाओ, तभी 'तीन तलाक' और 'हलाला' से मिलेगी मुक्ति: अश्विनी उपाध्याय
दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने अपने एक सार्वजनिक संबोधन में देश के सभी मठों और मंदिरों से 'घर वापसी' (पुनः धर्मांतरण) को एक वार्षिक लक्ष्य बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने दावा किया कि धर्मांतरण भारत के संविधान के विरुद्ध है, और 'घर वापसी' ही देश में शांति और महिलाओं के लिए वास्तविक स्वतंत्रता ला सकती है।मंदिरों को 'घर वापसी' अभियान का केंद्र बनाने की माँगउपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि अब समय आ गया है कि देश के प्रत्येक मठ और मंदिर को 'घर वापसी' का केंद्र बनाया जाए। उन्होंने धार्मिक नेताओं से अपील की कि वे प्रति वर्ष लोगों को वापस हिंदू धर्म में लाने का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करें।उन्होंने इसे ईसाई और अन्य धर्मांतरण समूहों द्वारा चलाए जा रहे 'जोशुआ प्रोजेक्ट' जैसे अभियानों का मुकाबला करने के लिए आवश्यक बताया, जो वार्षिक रूपांतरण के लक्ष्य निर्धारित करते हैं।'घर वापसी' से महिलाओं को मिलेगी आज़ादीवक्ता ने जोर देकर कहा कि 'घर वापसी' से समाज में महिलाओं की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। उन्होंने दावा किया कि जो महिलाएं हिंदू धर्म में लौटेंगी, उन्हें विशेष धार्मिक-कानूनी प्रथाओं से मुक्ति मिलेगी:प्रथाओं का अंत: 'घर वापसी' से तीन तलाक, हलाला, मुताहा, मिसियार, तहर, तलाक हसन, तलाक एहसन, तलाक बाइन, और तलाक किनाया जैसी प्रथाएं समाप्त होंगी।बुर्का और स्वतंत्रता: उन्होंने कहा कि इससे बुर्का खत्म होगा और महिलाओं को सोचने, बोलने, लिखने, वस्त्र, वेशभूषा, मेकअप, भोजन और निवास की पूरी आज़ादी मिलेगी।सम्मानजनक दर्जा: उपाध्याय के अनुसार, 'घर वापसी' के बाद एक महिला "नौकरानी" नहीं, बल्कि अर्धांगिनी बन जाएगी।संविधान और धर्मांतरण पर तर्कअश्विनी उपाध्याय ने 'घर वापसी' को संवैधानिक बताया और धर्मांतरण को अवैध ठहराया।अनुच्छेद 25 की व्याख्या: उन्होंने कहा कि भारत का संविधान धर्मांतरण की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने अनुच्छेद 25 का हवाला दिया, जो धर्म की स्वतंत्रता देता है, लेकिन यह सार्वजनिक व्यवस्था (पब्लिक ऑर्डर), स्वास्थ्य (हेल्थ) और नैतिकता (मोरालिटी) के अधीन है।अशांति और अराजकता: उन्होंने तर्क दिया कि धर्मांतरण अनैतिक है और देश में अशांति फैलाता है। उन्होंने "कन्वर्टेड हिंदुओं" पर देश में आतंकवाद, जिहाद और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।"सारे मजहब एक समान" के विचार की आलोचनाउपाध्याय ने इस धारणा की कड़ी आलोचना की कि "सभी मजहब एक समान हैं" या "वेद पुराण बाइबल कुरान एक समान होता है"। उन्होंने इसे एक 'गलतफहमी' बताया जिसके कारण अफगानिस्तान, पंजाब, कश्मीर और बंगाल का विभाजन हुआ और हिंदुओं को बड़े पैमाने पर विस्थापन झेलना पड़ा।उन्होंने नेताओं, व्यापारियों और शिक्षित वर्ग से इस अभियान में शामिल होने और लोगों को "चावल के लालच" या शासकों के डर से बिछड़ गए अपने परिवारों के सदस्यों के रूप में वापस लाने की अपील की।
धर्मेंद्र का निधन: बॉलीवुड के वीरू का 89 वर्ष की आयु में देहांत
धर्मेंद्र का निधन: बॉलीवुड के वीरू का 89 वर्ष की आयु में देहांत
वरिष्ठ अभिनेता धर्मेंद्र ने वर्षों के दौरान अपनी बहुमुखी अभिनय क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया, चाहे वह रोमांटिक भूमिकाएँ हों, कॉमेडी हो या फिर ऐक्शन। पर्दे के बाहर उनकी गर्मजोशी और सादगी ने उन्हें और भी प्रिय बना दिया, और इसी कारण उन्हें प्रशंसकों और फिल्म उद्योग के साथियों के बीच प्यार से “धरम पाजी” कहा जाता था।वयोवृद्ध बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र, जिन्हें प्यार से ‘ही-मैन’ और ‘धरम पाजी’ कहा जाता था, का सोमवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया।धर्मेंद्र का करियर छह दशकों से अधिक समय तक फैला और भारतीय सिनेमा पर उनका प्रभाव बेमिसाल है। 1960 और 70 के दशक में शोले, चुपके चुपके, अनुपमा और सत्ते पे सत्ता जैसी प्रतिष्ठित फिल्मों में उनकी यादगार भूमिकाओं ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।अपने मजबूत व्यक्तित्व, दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस और ऐक्शन अंदाज़ के लिए प्रसिद्ध धर्मेंद्र को बॉलीवुड का मूल “ही-मैन” माना जाता था।फिल्म जगत के सदस्यों और प्रशंसकों ने इस खबर पर शोक और भावनाओं के साथ प्रतिक्रिया दी, उनकी करिश्माई स्क्रीन उपस्थिति और भारतीय सिनेमा में उनके गहरे योगदान को याद करते हुए। कई सेलिब्रिटी भी ‘बॉलीवुड के वीरू’ के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुँचे।
रेखा गुप्ता- सुगंधा सचिन विधूड़ी ने तुग़लकाबाद गाँव  पशु चिकित्सालय का किया निरिक्षण
रेखा गुप्ता- सुगंधा सचिन विधूड़ी ने तुग़लकाबाद गाँव पशु चिकित्सालय का किया निरिक्षण
दिल्ली मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता और निगम पार्षद सुगंधा सचिन विधूड़ी ने हाल ही में तुगलकाबाद गाँव स्थित पशु चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा पशु-चिकित्सा सेवाओं का औचक निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन से कहा कि अस्पताल की स्वच्छता, समुचित व्यवस्था और साफ वातावरण सुनिश्चित किया जाए, साथ ही पशु चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल की व्यवस्था में शीघ्र सुधार हो, जरूरी मरम्मत कार्य समय से पूरे हों और पशुपालकों को अच्छी व प्रभावी सेवाएं दी जाएं।निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और पशु-स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिकता रहीं और संबंधित विभागों को सभी सुधारकार्य उच्च गुणवत्ता और समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि दिल्ली में आधुनिक पशु-चिकित्सा सेवाओं और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है.