भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई मजबूती, पीएम मोदी के दौरे में रक्षा और व्यापार समेत कई अहम समझौतों पर बनी सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित किया। इस दौरान पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक वार्ता हुई, जिसमें रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

रक्षा सहयोग को मिलेगी नई मजबूती
बैठक में रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, सैन्य अभ्यास, रक्षा उपकरणों के निर्माण, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति पर विशेष चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों ने रक्षा उद्योग में साझेदारी बढ़ाने और आधुनिक सैन्य तकनीकों के आदान-प्रदान पर भी सहमति जताई। साथ ही समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
💼 व्यापार और निवेश पर बड़ा फोकस
भारत और इंडोनेशिया ने द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देने के लिए कई व्यावसायिक समझौतों पर चर्चा की। दोनों देशों ने निवेश बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने, डिजिटल इकोनॉमी, फिनटेक, स्टार्टअप, कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। लक्ष्य यह है कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार का दायरा और अधिक विस्तृत हो तथा नए निवेश के अवसर पैदा हों।

इंडो-पैसिफिक में साझा रणनीति
दोनों नेताओं ने मुक्त, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के समर्थन को दोहराया। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इसके अलावा ब्लू इकोनॉमी, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय सहयोग पर भी चर्चा हुई।
🤝 कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
दौरे के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, कौशल विकास, संस्कृति, पर्यटन, ऊर्जा और आपदा प्रबंधन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की इच्छा भी जताई।




