BHU पर ₹2.65 करोड़ का जुर्माना, पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर NGT का बड़ा एक्शन,

वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कथित अवैध पेड़ कटान के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की राशि वसूलने के निर्देश दिए।
वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में कथित रूप से 33 पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकरण ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को विश्वविद्यालय से ₹2,65,06,877.08 (करीब ₹2.65 करोड़) की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने की प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। यह राशि परिसर में हुई कथित अवैध पेड़ कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान के आकलन के आधार पर तय की गई है।
NGT की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। अधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले ही क्षतिपूर्ति राशि का आकलन कर चुका है और अब निर्धारित समय सीमा के भीतर वसूली की कार्रवाई पूरी की जानी चाहिए।
इस आदेश को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बड़े शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों को भी पर्यावरणीय नियमों के पालन के प्रति अधिक जिम्मेदार बनने का संदेश मिलेगा। वहीं, इस मामले पर BHU प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी सभी की नजरें बनी हुई हैं।



