देश में सब बिकाऊ है, ईमानदारी का कोई मोल नहीं’ — सोनम वांगचुक का सरकार को तीखा संदेश, अनशन जारी,

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन के बीच सोनम वांगचुक ने व्यवस्था, शिक्षा और जवाबदेही को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने नागरिकों से भी केवल सोशल मीडिया पर समर्थन देने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से अपनी भागीदारी निभाने की अपील की।
पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन लगातार जारी है। अनशन के दौरान उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ी है और स्वास्थ्य अपडेट के अनुसार उनका वजन काफी कम हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने कहा है कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, कथित परीक्षा अनियमितताओं और जनहित के मुद्दों को लेकर है तथा जब तक सार्थक समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाए जाते, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
अनशन के दौरान वांगचुक ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल ऑनलाइन समर्थन तक सीमित न रहें, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ भी उठाएं। उन्होंने संसद के मानसून सत्र के दौरान शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने का भी आह्वान किया।
इस बीच उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने चिंता व्यक्त की है और उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की है। वहीं, उनके समर्थक सरकार से संवाद कर आंदोलन का समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।



