E20 ईंधन पर अरविंद केजरीवाल के सवाल, 29 ऑटो कंपनियों को लिखा पत्र; उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शिता की उठाई मांग |

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 ईंधन (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर बड़ा सवाल उठाते हुए देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखा है। उन्होंने कंपनियों से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि उनके कौन-कौन से वाहन E20 ईंधन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं और यदि किसी वाहन में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से तकनीकी खराबी आती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। केजरीवाल का कहना है कि ग्राहकों को पूरी और स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपभोक्ताओं के हितों को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता
केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में वाहन मालिक इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उनका वाहन E20 पेट्रोल के अनुकूल है या नहीं। उन्होंने ऑटो कंपनियों से आग्रह किया कि वे सार्वजनिक रूप से यह जानकारी जारी करें कि किन मॉडल्स में E20 ईंधन का सुरक्षित उपयोग किया जा सकता है और किन वाहनों के लिए यह उपयुक्त नहीं है। उनका कहना है कि पारदर्शिता की कमी का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ सकता है।

29 कंपनियों को भेजा गया पत्र
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने देश की 29 ऑटो कंपनियों को पत्र भेजा है। पहले चरण में उन्होंने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प जैसी प्रमुख कंपनियों को पत्र लिखा है, जबकि शेष कंपनियों को भी इसी विषय पर अलग से पत्र भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी कंपनियां उपभोक्ताओं के हित में स्पष्ट और जिम्मेदार जवाब देंगी।
सरकार की E20 नीति पर भी उठे सवाल
केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 नीति को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि सरकार देशभर में E20 ईंधन को बढ़ावा दे रही है तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी वाहन इसके अनुरूप हों। यदि ऐसा नहीं है तो सरकार और वाहन निर्माताओं को मिलकर उपभोक्ताओं के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि किसी भी वाहन मालिक को आर्थिक नुकसान या तकनीकी दिक्कत का सामना न करना पड़े।

अब कंपनियों के जवाब पर टिकी निगाहें
E20 ईंधन को लेकर उठाए गए इस मुद्दे के बाद अब सभी की नजरें ऑटोमोबाइल कंपनियों के जवाब पर हैं। यदि कंपनियां विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करती हैं, तो इससे लाखों वाहन मालिकों को अपने वाहनों के संबंध में स्पष्टता मिलेगी। वहीं, इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज होने की संभावना है, क्योंकि E20 ईंधन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।



