नोएडा सेक्टर-62 स्थित iForte बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा ढहा, भारी बारिश के बीच मची अफरा-तफरी

क्या है पूरा मामला?
नोएडा के सेक्टर-62 स्थित iForte कमर्शियल बिल्डिंग में भारी बारिश के दौरान भवन के ऊपरी हिस्से का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। मलबा सीधे नीचे पार्किंग क्षेत्र में आ गिरा, जिससे वहां खड़ी दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों ने तुरंत पुलिस व आपदा राहत टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस, दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू कर दिया।
राहत की बात—कोई जनहानि नहीं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय प्रभावित हिस्से में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, मलबे की चपेट में आने से पार्किंग में खड़ी दो कारों को भारी नुकसान पहुंचा है। एहतियात के तौर पर आसपास के हिस्से को खाली करा दिया गया है और लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
भारी बारिश को माना जा रहा संभावित कारण
लगातार हो रही तेज बारिश के कारण भवन की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार नमी और जलभराव जैसी परिस्थितियां पुराने या कमजोर निर्माण को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, हादसे का वास्तविक कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने भवन की संरचनात्मक स्थिति की जांच के आदेश दिए हैं।
प्रशासन और विशेषज्ञों की जांच जारी
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि भवन की संरचनात्मक मजबूती, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद नोएडा की बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेषकर मानसून के मौसम में पुराने और बड़े भवनों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाना आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



