पेपर लीक विवाद पर केंद्र की नई पहल, डॉ. जितेंद्र सिंह बोले— “24 घंटे में चार बार दिया बातचीत का प्रस्ताव”

आंदोलनरत छात्रों से संवाद के लिए सरकार ने बढ़ाया हाथ, केंद्रीय मंत्री ने कहा— हर मुद्दे का समाधान बातचीत से ही संभव।
देशभर में पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने छात्रों से बातचीत की दिशा में एक नई पहल की है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों के भीतर आंदोलनरत छात्रों और उनके प्रतिनिधियों को चार बार बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है। उनका कहना है कि सरकार किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद के माध्यम से निकालना चाहती है और इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से समझती है और उनकी मांगों पर विचार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें और बातचीत के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। मंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि विश्वास और संवाद के जरिए स्थिति को सामान्य करना है।

पेपर लीक की घटनाओं को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं ने उनके भविष्य को प्रभावित किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। छात्रों की मांग है कि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।
फिलहाल सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव सामने आने के बाद सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छात्र संगठन इस पहल पर क्या रुख अपनाते हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद होता है, तो लंबे समय से जारी गतिरोध खत्म होने और इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान निकलने की उम्मीद बढ़ सकती है। सरकार और छात्रों के बीच होने वाली अगली बातचीत इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।



