SC On NEET Paper Leak Case
NTA और शिक्षा मंत्रालय को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कहा – “NTA ने अब तक सबक नहीं सीखा”
नई दिल्ली: Supreme Court of India ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए National Testing Agency (NTA) और शिक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “NTA ने अभी तक अपना सबक नहीं सीखा है।” यह मामला देशभर के लाखों मेडिकल छात्रों और अभिभावकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे। जांच एजेंसियों को ऐसे “गेस पेपर” मिले जिनके कई सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते बताए गए। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया। साथ ही जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दी गई।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान कहा कि केवल आश्वासन देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जवाबदेही तय करनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक सिस्टम में संरचनात्मक सुधार नहीं होंगे, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाएं रुकना मुश्किल है।
कोर्ट ने NTA को हलफनामा दाखिल कर यह बताने का आदेश दिया कि:
- पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
- हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों को कितना लागू किया गया।
- मॉनिटरिंग कमेटी की वर्तमान स्थिति क्या है।
FAIMA की याचिका से बढ़ा मामला
यह याचिका Federation of All India Medical Association (FAIMA) की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका में NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एजेंसी में बड़े सुधार या उसे बदलने तक की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि लगातार परीक्षा विवाद छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
NTA ने कोर्ट में क्या जवाब दिया?
NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए हैं। एजेंसी के अनुसार:
- प्रश्नपत्र सुरक्षा को और मजबूत किया गया है।
- डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है।
- परीक्षा केंद्रों की निगरानी सख्त की गई है।
- राज्यों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाया गया है।
NTA ने यह भी कहा कि दोबारा होने वाली NEET परीक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दोबारा न हो।
प्रधानमंत्री स्तर पर निगरानी
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि NEET मामले की निगरानी प्रधानमंत्री स्तर पर की जा रही है। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
देशभर में लाखों छात्र इस मामले को लेकर चिंतित हैं। कई छात्रों का कहना है कि लगातार विवादों के कारण मानसिक दबाव बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर भी NTA की पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अगली सुनवाई कब?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को तय की है। कोर्ट अब NTA, शिक्षा मंत्रालय और अन्य संबंधित पक्षों से विस्तृत जवाब मांगेगा।

Reported By: Khushi



