तिहाड़ जेल में बंद आरोपी ने शुरू की भूख हड़ताल, खाने को लेकर अदालत का दरवाज़ा खटखटाया

क्या है पूरा मामला?
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद एक विदेशी आरोपी ने जेल में दिए जा रहे भोजन को लेकर अदालत का रुख किया है। आरोपी का कहना है कि वह जेल में उपलब्ध भोजन को अपने स्वास्थ्य और खानपान की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं मानता, इसलिए उसे अपना भोजन स्वयं तैयार करने की अनुमति दी जाए। इसी मांग को लेकर उसने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वह कई दिनों से नियमित भोजन नहीं कर रहा है, जिसके चलते उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर भी निगरानी रखी जा रही है।
अदालत में रखी गई मांग
याचिका में आरोपी ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे मानवीय आधार पर अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार भोजन बनाने की अनुमति दी जाए। उसका तर्क है कि जेल में उपलब्ध भोजन उसके लिए उपयुक्त नहीं है और इससे उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन से विस्तृत जवाब मांगा है और अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की है।
जेल प्रशासन की भूमिका
जेल प्रशासन का कहना है कि सभी कैदियों को निर्धारित नियमों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता है और विशेष परिस्थितियों में ही अलग व्यवस्था की जाती है। प्रशासन अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेगा और संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आरोपी के स्वास्थ्य पर भी मेडिकल टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
सुनवाई पर टिकी निगाहें
यह मामला अब कानूनी और मानवीय अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। अदालत के आगामी आदेश से यह स्पष्ट होगा कि जेल में बंद कैदियों की विशेष खानपान संबंधी मांगों पर किस प्रकार का निर्णय लिया जाएगा। इस मामले पर कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों की भी नजर बनी हुई है।



