तो मैं खत्म करूंगा अनशन” — सोनम वांगचुक ने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को लिखी चिट्ठी,

अनशन के बीच सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद, मांगों पर जल्द बातचीत की अपील।
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने अपने लंबे समय से जारी अनशन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में वांगचुक ने संकेत दिया है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस और सकारात्मक पहल की जाती है, तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। इस संदेश ने उनके आंदोलन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
वांगचुक ने अपने पत्र में कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि लद्दाख के लोगों के अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि आंदोलनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि बातचीत ही लोकतंत्र का सबसे प्रभावी रास्ता है और सरकार को इस दिशा में जल्द पहल करनी चाहिए।
कई दिनों से जारी अनशन के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं, जबकि देशभर से उनके समर्थन में आवाजें उठ रही हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी सरकार से बातचीत शुरू करने और आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की है।
अब सभी की नजर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है। यदि सरकार वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक कदम उठाती है, तो लंबे समय से जारी यह अनशन समाप्त हो सकता है। वहीं, यदि बातचीत आगे नहीं बढ़ती, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत इस पूरे मुद्दे की दिशा तय करेगी



