US declares The Resistance Front, outfit behind Pahalgam attack, as foreign terrorist organisation; India hails move
Jul 18, 2025, 02:12 PM
|Posted By Dristhikon
The US State Department on Friday designated The Resistance Front (TRF), a shadow outfit of Pakistan-based terror group Lashkar-e-Taiba (LeT) that had claimed responsibility for the Pahalgam terror attack, as a Foreign Terrorist Organization (FTO) and Specially Designated Global Terrorist (SDGT).

5 हजार करोड़ के मालिक विधायक ने सड़क पर क्यों मांगी भीख? वायरल तस्वीर ने खड़े किए बड़े सवाल
वायरल तस्वीर के पीछे क्या है कहानी?सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर तेजी से चर्चा में है, जिसमें एक तरफ एक नेता जैसा दिखने वाला व्यक्ति हाथ में माइक्रोफोन लिए नजर आ रहा है, जबकि दूसरी तरफ एक व्यक्ति सड़क किनारे कटोरा लेकर बैठा दिखाई दे रहा है। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि 5 हजार करोड़ रुपये के मालिक विधायक ने सड़क पर भीख क्यों मांगी? इस दावे ने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच काफी जिज्ञासा पैदा कर दी है। तस्वीर को देखकर लोग इसके पीछे की वास्तविक कहानी जानना चाहते हैं और तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।दावे ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचलतस्वीर में लिखे बड़े-बड़े शब्दों ने इसे और ज्यादा ध्यान खींचने वाला बना दिया है। “5 हजार करोड़ के मालिक”, “विधायक” और “सड़क पर क्यों मांगी भीख?” जैसे सवाल लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं। हालांकि, सिर्फ तस्वीर या वायरल पोस्ट के आधार पर किसी व्यक्ति की संपत्ति, पहचान या घटना की वास्तविकता की पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे में इस दावे को सच मानने से पहले विश्वसनीय समाचार स्रोतों और आधिकारिक जानकारी से इसकी पुष्टि करना जरूरी है।अमीरी और गरीबी के बीच दिखता विरोधाभासतस्वीर का सबसे बड़ा आकर्षण इसमें दिखाई देने वाला विरोधाभास है। एक ओर करोड़ों की संपत्ति वाले व्यक्ति का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर बैठे एक जरूरतमंद व्यक्ति की तस्वीर दिखाई गई है। इसी विरोधाभास को आधार बनाकर पोस्ट को भावनात्मक और सनसनीखेज अंदाज में पेश किया गया है। सोशल मीडिया पर इस तरह की तस्वीरें तेजी से वायरल होती हैं क्योंकि इनमें सवाल, रहस्य और भावनात्मक पहलू एक साथ जुड़े होते हैं।क्या सच में विधायक ने सड़क पर मांगी भीख?सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में किसी करोड़पति विधायक ने सड़क पर बैठकर भीख मांगी थी या तस्वीर को किसी अन्य संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है? किसी वायरल तस्वीर के साथ अलग संदर्भ जोड़ देना सोशल मीडिया पर आम बात है। इसलिए इस मामले में भी तस्वीर के मूल स्रोत, घटना की तारीख, स्थान और संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक बयान की जानकारी सामने आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकती है।वायरल तस्वीर ने उठाए कई सवालयह मामला सिर्फ एक तस्वीर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली अधूरी जानकारी को लेकर भी सवाल खड़े करता है। किसी भी वायरल दावे को शेयर करने से पहले उसके तथ्य जांचना बेहद जरूरी है। अगर दावा गलत या भ्रामक निकलता है, तो ऐसी पोस्ट किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल तस्वीर के साथ किया गया 5 हजार करोड़ की संपत्ति और विधायक द्वारा भीख मांगने का दावा स्वतंत्र पुष्टि के बिना है, इसलिए इसे सावधानी के साथ ही देखा जाना चाहिए।

राष्ट्रपति की ADC बनीं मेजर नव्या शेखावत, जानिए इस खास जिम्मेदारी का महत्व
राष्ट्रपति की टीम में मिली अहम जिम्मेदारीराष्ट्रपति भवन में एक नई सैन्य नियुक्ति ने सभी का ध्यान खींचा है। भारतीय सेना की मेजर नव्या शेखावत को राष्ट्रपति की Aide-de-Camp (ADC) नियुक्त किया गया है। यह सिर्फ एक नई पोस्टिंग नहीं, बल्कि भारतीय सेना के इतिहास में एक खास उपलब्धि मानी जा रही है। नव्या शेखावत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की टीम में शामिल होने वाली महिला Army Officer हैं और इस जिम्मेदारी के साथ उन्होंने सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी सामने रखा है।क्या होता है President’s ADC?ADC यानी Aide-de-Camp एक सैन्य अधिकारी होता है, जो राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के आधिकारिक दायित्वों में सहायता करता है। राष्ट्रपति के साथ होने वाले आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों, सैन्य आयोजनों और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों में ADC की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के दौरान समन्वय, संचार और प्रोटोकॉल को व्यवस्थित रखने में ADC सहयोग करता है। राष्ट्रपति के पास आमतौर पर सेना, नौसेना और वायुसेना से ADC अधिकारी होते हैं।नव्या शेखावत की नियुक्ति क्यों खास है?मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला Army Officer बताई जा रही हैं। भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और अब उन्हें महत्वपूर्ण नेतृत्व एवं प्रतिष्ठित जिम्मेदारियों में भी अवसर मिल रहे हैं। नव्या की यह नियुक्ति इसी बदलते दौर की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करती है, जहां महिला अधिकारी सैन्य और संवैधानिक संस्थानों से जुड़ी अहम भूमिकाएं निभा रही हैं।राष्ट्रपति के साथ काम करने की जिम्मेदारीराष्ट्रपति की ADC की भूमिका बेहद जिम्मेदारी वाली होती है। इस पद पर रहने वाले अधिकारी को आधिकारिक कार्यक्रमों की प्रक्रिया, सैन्य प्रोटोकॉल और राष्ट्रपति भवन से जुड़े औपचारिक दायित्वों की अच्छी समझ होनी चाहिए। राष्ट्रपति के देश-विदेश से जुड़े कार्यक्रमों, सैन्य समारोहों और विभिन्न आधिकारिक अवसरों के दौरान ADC की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे पद पर अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता बेहद जरूरी मानी जाती है।भारतीय सेना में महिलाओं के लिए बढ़ता नया रास्तामेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति को भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के नजरिए से भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में महिला अधिकारियों को सेना की विभिन्न महत्वपूर्ण शाखाओं और जिम्मेदारियों में आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं। राष्ट्रपति की ADC जैसी प्रतिष्ठित भूमिका में महिला अधिकारी की नियुक्ति इस बदलाव को और मजबूत करती है। यह नियुक्ति उन युवतियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है जो भारतीय सेना में करियर बनाने का सपना देख रही हैं।

लद्दाख बॉर्डर पर भारत की मजबूत तैयारी
भारत-चीन सीमा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में उत्तरी सीमाओं पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में कमी देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के सामने अपनी तैनाती घटाई है और अब उत्तरी सीमाओं तथा पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के बराबर बल मौजूद है। इसके बावजूद भारत ने LAC के सभी महत्वपूर्ण सेक्टरों में अपनी सैन्य तैयारियों और तैनाती को मजबूत बनाए रखा है।LAC पर भारतीय सेना की तैयारी बरकराररक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना उत्तरी सीमा पर किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। LAC के विभिन्न सेक्टरों में सेना की मौजूदगी को मजबूत रखा गया है, ताकि किसी भी परिस्थिति में तेजी से जवाब दिया जा सके। भारत की रणनीति केवल सैनिकों की तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमा क्षेत्रों में निगरानी, बुनियादी ढांचे और ऑपरेशनल तैयारियों पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है।भारत-चीन के बीच बातचीत से बढ़ी स्थिरताभारत और चीन के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत दोबारा शुरू होने के बाद उत्तरी सीमा पर हालात में कुछ स्थिरता देखने को मिली है। दोनों देशों के बीच लगातार संवाद का उद्देश्य सीमा से जुड़े विवादित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना और तनाव को कम करना है। सैन्य स्तर पर भी दोनों पक्षों के बीच संपर्क बनाए रखने की कोशिश की जा रही है, जिससे सीमा पर किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।पूर्वी लद्दाख में हुई अहम सैन्य बैठकरिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में पूर्वी लद्दाख में 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक भी हुई थी। इस तरह की बैठकों को सीमा पर सैन्य संवाद बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच बातचीत के जरिए सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और तनाव कम करने की कोशिश जारी है। हालांकि, LAC पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और भारत लगातार अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत बनाए हुए है।
